गणतंत्र दिवस से पहले ATL छात्रों के लिए आयोजित हुआ खास ‘हाई टी’ सेशन; भविष्य के नवाचारों पर हुई दिल खोलकर बात।
नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने देशभर से आए अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) के नन्हे नवाचारियों के साथ एक बेहद आत्मीय और प्रेरणादायक मुलाकात की। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाला एक यादगार ‘हाई टी’ सेशन साबित हुआ।
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने न केवल अपने प्रोजेक्ट्स दिखाए, बल्कि मंत्री जी के साथ अपनी सफलता की कहानियां और भविष्य की योजनाएं भी साझा कीं।
सम्मान और प्रेरणा का संगम
डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों को सरकार के ‘विशेष अतिथि’ के रूप में सम्मानित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विज्ञान और नई सोच ही वह शक्ति है जो देश को प्रगति के शिखर पर ले जाएगी।
हाई टी (चाय) के दौरान माहौल काफी सहज रहा। मंत्री जी ने बच्चों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं, उन्हें सुझाव दिए और छोटी-छोटी उलझनों को सुलझाने के गुर सिखाए। इस अनौपचारिक बातचीत ने बच्चों के भीतर के हिचकिचाहट को खत्म कर उनमें जबरदस्त आत्मविश्वास भर दिया।
क्यों खास है यह पहल?
इस आयोजन का असली मकसद किताबी ज्ञान से परे बच्चों को असल दुनिया की समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए तैयार करना है।
- आत्मविश्वास: बड़ी हस्तियों से संवाद बच्चों को यह अहसास कराता है कि उनके विचार महत्वपूर्ण हैं।
- समस्या समाधान: यह पहल उन्हें रटने के बजाय सोचने और प्रयोग करने के लिए प्रेरित करती है।
- टीम वर्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार, बच्चों को टीम में काम करने और तकनीकी कौशल सीखने का अवसर मिलता है।
ऐसे कार्यक्रमों से स्पष्ट है कि जब हम अपने युवाओं के दिमाग में निवेश करते हैं, तो बदलाव की नींव उसी दिन पड़ जाती है। छात्र अपने साथ न केवल यादें लेकर गए, बल्कि नए उत्साह के साथ देश के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प भी ले गए।











Add Comment