ट्रेनिंग और महंगे उपकरणों के लिए मिलेगी बड़ी राहत, मेडल की उम्मीदें और बढ़ीं
2026-27 के केंद्रीय बजट ने भारतीय राइफल शूटर्स के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। खेल जगत के लिए फंड बढ़ाने के सरकारी फैसले का देशभर के निशानेबाजों ने दिल खोलकर स्वागत किया है।
महंगे उपकरणों की चिंता अब होगी कम
“हम लंबे समय से ऐसी मदद की उम्मीद कर रहे थे। अक्सर नए और प्रतिभावान खिलाड़ी पैसों की कमी के कारण अच्छी राइफल नहीं खरीद पाते या बेहतरीन कोच नहीं रख पाते। यह बजट हमारे लिए किसी जीत से कम नहीं है।”
पहले कई बार खिलाड़ियों को अपनी जेब से पैसा लगाकर यात्रा और सामान का इंतजाम करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार की इस मदद से उन पर आर्थिक बोझ कम होगा।
छोटे शहरों तक पहुंचेंगी सुविधाएं
भारत ने पिछले कुछ सालों में शूटिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जानकारों का कहना है कि बजट बढ़ने से अब खेल संस्थाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी नई शूटिंग रेंज और ट्रेनिंग सेंटर खोले जा सकेंगे।
पुराने उपकरणों की जगह अब आधुनिक तकनीक
एक राष्ट्रीय अकादमी के कोच ने बताया, “जब खिलाड़ियों को सामान की चिंता नहीं रहेगी, तो वे अपना पूरा ध्यान अपने खेल पर लगा पाएंगे। अब हमारे शूटर्स को पुराने उपकरणों से जूझना नहीं पड़ेगा, बल्कि वे दुनिया के बेहतरीन उपकरणों के साथ अपनी स्किल्स को निखार सकेंगे।”











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