मुंबई | 4 फरवरी, 2026
बॉलीवुड के पावरहाउस रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इन दिनों चर्चा में तो है, लेकिन किसी ट्रेलर या गाने की वजह से नहीं, बल्कि कानून की अनदेखी के कारण। मुंबई के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके दक्षिण मुंबई (फोर्ट) में फिल्म की शूटिंग के दौरान बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना प्रोडक्शन टीम को भारी पड़ गया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 1 फरवरी को दक्षिण मुंबई के बल्लार्ड एस्टेट में ‘धुरंधर’ की टीम ने कराची की ‘लायरी गली’ का एक विशाल सेट लगाया था। इस दौरान दिग्गज अभिनेता संजय दत्त और अर्जुन रामपाल एक महत्वपूर्ण दृश्य की शूटिंग कर रहे थे। इसी बीच हवा में एक ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया।
जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी, एमआरए (MRA) मार्ग पुलिस स्टेशन ने मुस्तैदी दिखाते हुए लोकेशन मैनेजर रिंकू राजपाल वाल्मिकी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।
गलती कहाँ हुई?
अक्सर बड़े प्रोडक्शन हाउस को लगता है कि जमीन पर शूटिंग की परमिशन मिल गई तो आसमान भी उनका है। लेकिन नियम साफ हैं:
- नो-फ्लाई ज़ोन: दक्षिण मुंबई का यह इलाका सरकारी दफ्तरों, बैंकों और हाई-प्रोफाइल इमारतों से भरा है, जो ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ के अंतर्गत आता है।
- अलग अनुमति की दरकार: सड़क ब्लॉक करने या कैमरा चलाने की अनुमति अलग होती है, लेकिन ड्रोन के लिए पुलिस और नागरिक उड्डयन विभाग से विशेष क्लीयरेंस चाहिए होता है, जो इस मामले में नहीं लिया गया।
आम जनता की परेशानी और सिस्टम का पेच
स्थानीय निवासियों में पहले से ही रोष था क्योंकि पिछले तीन दिनों से दो मुख्य सड़कें शूटिंग की वजह से बंद थीं। लोगों का सवाल जायज है—क्या फिल्म की चमक-धमक सुरक्षा से ऊपर है?
हालांकि, इस घटना ने एक पुरानी बहस को फिर से छेड़ दिया है। क्या परमिशन लेने का सिस्टम इतना जटिल है कि प्रोडक्शन टीमें शॉर्टकट अपनाने लगती हैं? फिल्म इंडस्ट्री की मांग है कि ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ मिले ताकि एक ही जगह से सड़क, सुरक्षा और ड्रोन की अनुमति मिल सके।
आगे क्या?
फिल्म 19 मार्च को रिलीज होने वाली है। फैंस में उत्साह तो बहुत है, लेकिन इस कानूनी पचड़े ने फिल्म की इमेज पर थोड़ा दाग जरूर लगा दिया है। जांच जारी है, और उम्मीद है कि अगली बार बड़े बैनर ऐसी बचकानी गलती नहीं करेंगे। आखिर शहर की सुरक्षा और जनता की सुविधा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।











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