बुढ़ापे में बीमारी की चिंता हुई खत्म, आयुष्मान भारत वय-वंदना योजना ने दी नई उम्मीद
कुलगाम ने दिखाई नई राह
कश्मीर के कुलगाम जिले से एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। यहाँ के प्रशासन और लोगों ने मिलकर एक कमाल कर दिखाया है। जिले के 12,176 बुजुर्गों ने ‘आयुष्मान भारत वय-वंदना योजना’ के तहत अपना पंजीकरण करवा लिया है।
क्या है यह ‘सेहत की सुरक्षा’?
अक्सर देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर साथ छोड़ने लगता है और दवाइयों का खर्च बढ़ता जाता है। ऐसे में यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें शामिल होने वाले हर बुजुर्ग को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ कवर) मिलेगा।
हर घर के लिए बड़ी राहत
यह सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की खुशियों की बात है।
- गरीब परिवारों को सहारा: जिन घरों में बुजुर्गों की दवा का खर्च चलाना मुश्किल था, उन्हें अब कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
- आत्मसम्मान: बुजुर्ग अब अपने इलाज के लिए बच्चों या रिश्तेदारों पर निर्भर महसूस नहीं करेंगे।
- गाँव-गाँव तक मदद: स्थानीय लोगों का कहना है कि दूर-दराज के गांवों में रहने वालों के लिए यह सुविधा जीवन रक्षक साबित होगी।
आम लोगों की जुबानी
इलाके के एक निवासी ने भावुक होकर बताया, “पहले डर लगता था कि अगर मां बीमार पड़ी तो पैसे कहां से आएंगे, लेकिन अब हम बेफिक्र होकर उनका इलाज करवा सकते हैं। सरकार की इस पहल ने हमारी बहुत बड़ी चिंता दूर कर दी है।”
कुलगाम की यह उपलब्धि बताती है कि अगर सही कोशिश की जाए, तो स्वास्थ्य सुविधाएं हर दरवाजे तक पहुँच सकती हैं। यह कदम न केवल कुलगाम के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक नजीर है।











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