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77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखा भारत का पराक्रम और गौरवशाली भविष्य

77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखा भारत का पराक्रम और गौरवशाली भविष्य
77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखा भारत का पराक्रम और गौरवशाली भविष्य

आत्मनिर्भरता की गूंज और आसमान में गरजते वीरों के बीच भारत ने मनाया लोकतंत्र का महापर्व

नई दिल्ली, 26 जनवरी: आज राजधानी दिल्ली का हृदय, ‘कर्तव्य पथ’, उस समय गर्व से भर उठा जब भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का जज्बा कम नहीं था। देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और बढ़ती तकनीकी ताकत का ऐसा संगम दिखा, जिसने हर भारतीय का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया।

कदम से कदम मिलाते शूरवीर

समारोह की भव्य शुरुआत तीनों सेनाओं (थल, जल और नभ) की संयुक्त परेड से हुई। जब सेना के जवानों ने एक लय में कदमताल करते हुए मार्च किया, तो पूरी दिल्ली तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। यह सिर्फ एक परेड नहीं थी, बल्कि दुनिया को यह संदेश था कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित और सजग हाथों में हैं। दर्शकों के बीच तिरंगे की लहर और देशभक्ति के नारों ने एकता के अटूट बंधन को और गहरा कर दिया।

आसमान में ‘मेक इन इंडिया’ की हुंकार

इस बार की परेड में सबसे ज्यादा चर्चा स्वदेशी तकनीक की रही। कर्तव्य पथ पर जब भारत में बने टैंक, मिसाइल सिस्टम और रडार निकले, तो साफ दिखा कि हम अब रक्षा के क्षेत्र में किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं हैं। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की यह झलक दिखा रही थी कि हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने देश को आधुनिक युद्ध के लिए कितना तैयार कर लिया है।

हवाई करतबों ने बांधा समां

परेड का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा ‘फ्लाईपास्ट’। आसमान में जब आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अपनी रफ्तार और कलाबाजी दिखाई, तो हर किसी की नजरें ऊपर टिकी रह गईं। बादलों को चीरते हुए विमानों ने जब तिरंगे के रंगों का धुआं छोड़ा, तो वह दृश्य अद्भुत था। यह केवल आसमान की ताकत नहीं, बल्कि साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती धमक का भी प्रतीक था।

एकजुट भारत, समर्थ भारत

कार्यक्रम के अंत में बच्चों की मुस्कान और बुजुर्गों की आंखों में चमक यह बता रही थी कि यह दिवस केवल एक छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों का उत्सव है। 77वें गणतंत्र दिवस ने यह साबित कर दिया कि भारत न केवल अपनी परंपराओं को सहेज रहा है, बल्कि आधुनिकता और शक्ति के साथ विश्व पटल पर एक नई पहचान बना रहा है।