डब्ल्यूएचओ : कोरोनोवायरस प्रकृति से उत्पन्न, विश्व को चीनी अनुभव से सीखना चाहिए

डब्ल्यूएचओ : कोरोनोवायरस प्रकृति से उत्पन्न, विश्व को चीनी अनुभव से सीखना चाहिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि अभी तक अनेक वैज्ञानिकों ने न्यू कोरोना न्यूमोनिया वायरस के जीन अनुक्रम का अनुसंधान किया है। और उन का निष्कर्ष है कि नये कोरोना वायरस प्राकृतिक रूप से उत्पन्न हुआ है।

जिनेवा में नये कोरोना वायरस निमोनिया पर डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपात परियोजना के प्रमुख माइकल रायन ने कहा कि वर्तमान में यह महत्वपूर्ण है कि वायरस कहां से उत्पन्न हुआ यह निर्धारित किया जाए और वायरस के मनुष्यों और जानवरों के बीच फैलाने की जानकारी प्राप्त की जाए।

डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपात परियोजना की तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव ने कहा कि चीन ने महामारी की रोकथाम में भारी कोशिश की। विश्व को चीनी अनुभव सीखना चाहिये।

उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अधानोम घेब्रेयिसस ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने समय पर सर्वोच्च चेतावनी जारी की थी। विश्व के पास इस बारे में बचाव करने के लिए काफी समय था। जब 30 जनवरी को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित की गयी, तब चीन के बाहर दूसरे देशों में केवल 82 मामले दर्ज हुए। इसका मतलब है कि विश्व के पास महामारी की रोकथाम के लिए पर्याप्त समय था।

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