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ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: “एजेंसी के काम में दखल बर्दाश्त नहीं, यह देश की सुरक्षा का सवाल”

ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: "एजेंसी के काम में दखल बर्दाश्त नहीं, यह देश की सुरक्षा का सवाल"
ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: "एजेंसी के काम में दखल बर्दाश्त नहीं, यह देश की सुरक्षा का सवाल"

नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026: कल सुप्रीम कोर्ट में ईडी के आई-पैक छापे वाले मामले की सुनवाई हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगे हैं। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इसे “बहुत गंभीर मुद्दा” बताया और कहा कि अगर राज्य की तरफ से केंद्रीय जांच एजेंसी में दखल दिया जाएगा तो देश में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

ईडी ने कोर्ट को बताया कि 8 जनवरी को कोलकाता में आई-पैक ऑफिस और उसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री खुद पहुंचीं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ममता बनर्जी ने पुलिस के साथ मिलकर जांच रोकी, अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस ले गईं, यहां तक कि एक ईडी अफसर का फोन भी छीन लिया। इससे कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस के सबूत गायब हो गए। ईडी ने ममता बनर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच और सामान वापस करने की मांग की।

बंगाल की तरफ से कपिल सिब्बल ने कहा कि ये आरोप झूठे हैं। ईडी के अपने पेपर से साबित होता है कि उस दिन कुछ भी जब्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा मामला पहले से हाई कोर्ट में है, वहीं चलना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि लोकतंत्र में हर एजेंसी को अपना काम करने की आजादी मिलनी चाहिए। कोर्ट ने कोलकाता पुलिस द्वारा ईडी अफसरों के खिलाफ दर्ज सारी एफआईआर पर रोक लगा दी। साथ ही बंगाल पुलिस को आदेश दिया कि 8 जनवरी का सारा सीसीटीवी, डिवाइस और रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

ममता बनर्जी, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें दो हफ्ते में जवाब देना होगा। अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।

यह फैसला बंगाल में केंद्र-राज्य के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है।