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श्रीनगर बना ‘लघु भारत’: वतन को जानो 2026 ने घोली फिजाओं में एकता की मिठास

श्रीनगर बना 'लघु भारत': वतन को जानो 2026 ने घोली फिजाओं में एकता की मिठास
श्रीनगर बना 'लघु भारत': वतन को जानो 2026 ने घोली फिजाओं में एकता की मिठास

श्रीनगर की खूबसूरत वादियां हाल ही में एक अलग ही तरह की रौनक से गुलजार हो उठीं। यहाँ के बेमिना स्थित SCERT परिसर में जब ‘वतन को जानो 2026’ कार्यक्रम का आगाज हुआ, तो लगा जैसे पूरा हिंदुस्तान एक ही छत के नीचे सिमट आया हो। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का एक मेला था।

अंजान चेहरे, गहरी दोस्ती

अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं का जब यहाँ जमावड़ा लगा, तो भाषा और प्रांत की दीवारें अपने आप गिर गईं। मकसद साफ़ था—एक-दूसरे की दुनिया को समझना। युवाओं ने जब अपने-अपने राज्यों के जायके और किस्से साझा किए, तो वहां मौजूद हर शख्स को महसूस हुआ कि विविधता में ही हमारे देश की असली खूबसूरती है।

खेल-खेल में सीखा भाईचारा

आयोजकों ने बोरिंग भाषणों की जगह मजेदार वर्कशॉप्स का सहारा लिया। दक्षिण भारत से आए एक छात्र ने बड़ी मासूमियत से कहा, “मैंने किताबों में उत्तर भारत के बारे में पढ़ा था, लेकिन आज यहाँ दोस्तों के साथ उनके त्योहारों की कहानियां सुनना एक जादुई अनुभव है।”

एकता की नई मिसाल

कश्मीर की ठंडी हवाओं के बीच इस कार्यक्रम ने युवाओं के दिलों में जो गर्मी पैदा की, वह कमाल की थी। जब ये युवा अपने घरों को लौटेंगे, तो अपने साथ सिर्फ यादें नहीं, बल्कि एक अटूट रिश्ता और देशप्रेम का नया जज्बा लेकर जाएंगे।

‘वतन को जानो’ जैसे मंच ही हमें याद दिलाते हैं कि हम सब एक बड़े परिवार का हिस्सा हैं।

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आजाद ख़बर

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