राज्य संस्कृति

‘वंदे मातरम’ के 150 साल, सामूहिक गायन से शुरू हुआ यादों का नया सफर

अनंतनाग की गूंज: 'वंदे मातरम' के 150 साल, सामूहिक गायन से शुरू हुआ यादों का नया सफर
अनंतनाग की गूंज: 'वंदे मातरम' के 150 साल, सामूहिक गायन से शुरू हुआ यादों का नया सफर

टाउन हॉल में जुटे सैकड़ों लोग; डिप्टी कमिश्नर एस.एफ. हामिद की मौजूदगी में देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा जिला।

अनंतनाग में आज एक बेहद खास और यादगार सुबह रही। देश की शान, ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। इस मुहिम का मकसद न सिर्फ इतिहास को याद करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के दिलों में भी इस गीत की भावना को जीवित रखना है।

साझा सुरों में एकता की झलक जिले भर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और सरकारी संस्थानों में सामूहिक गायन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। माहौल में देशभक्ति का जज्बा उस वक्त और बढ़ गया जब अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने एक सुर में वंदे मातरम गाया। इस छोटे से लेकिन प्रभावशाली तरीके से लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान जाहिर किया।

टाउन हॉल में मुख्य आयोजन दिन का सबसे बड़ा कार्यक्रम अनंतनाग के टाउन हॉल में हुआ। यहाँ खुद डिप्टी कमिश्नर एस.एफ. हामिद (IAS) ने इस मुहिम की कमान संभाली। उनके साथ प्रशासन के अधिकारियों और आम नागरिकों ने मिलकर गायन में हिस्सा लिया। चारों ओर खुशी और एकजुटता का माहौल था। डिप्टी कमिश्नर ने इस दौरान कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का काम करते हैं और हमें अपनी जड़ों की याद दिलाते हैं।

अगले 150 सालों का लक्ष्य यह मुहिम केवल आज के दिन के लिए नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य वंदे मातरम की भावना को अगले 150 वर्षों तक जीवंत रखना है। स्थानीय लोग इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित दिखे और आने वाले दिनों में जिले में और भी कई गतिविधियां देखने को मिलेंगी। जिस तरह से आज लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, उससे साफ है कि यह मुहिम एक बड़े आंदोलन का रूप ले रही है।

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आजाद ख़बर

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