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राज्य विवाद

पटना: शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बवाल, छात्राओं का सामान फंसा; प्रशासन पर भड़के अभिभावक

परीक्षा सिर पर और कमरे सील, मजिस्ट्रेट के दखल के बाद मिला सामान, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।
परीक्षा सिर पर और कमरे सील, मजिस्ट्रेट के दखल के बाद मिला सामान, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।

पटना, 19 जनवरी। राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। यहां रहने वाली छात्राओं के अभिभावकों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब उन्हें पता चला कि बिना किसी पूर्व सूचना के हॉस्टल के कमरे सील कर दिए गए हैं। आलम यह था कि परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं की किताबें, कपड़े और जरूरी सामान कमरों में ही बंद हो गए।

अभिभावकों ने हॉस्टल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ‘रामभरोसे’ है। उनका कहना है कि 2 तारीख से बच्चियों की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। ऐसे नाजुक वक्त में पढ़ाई करने के बजाय छात्राएं और उनके परिजन अपने ही सामान के लिए गुहार लगाने को मजबूर हैं।

“बेटी की पढ़ाई से ज्यादा उसकी सुरक्षा जरूरी” मौके पर मौजूद एक पिता ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हमें ऐसी व्यवस्था बिल्कुल मंजूर नहीं है। बेटी पढ़ाई न भी करे तो चलेगा, लेकिन उसे इस तरह असुरक्षित माहौल और मानसिक तनाव में नहीं रखा जा सकता।” परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन से बात करने की कोशिश की, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मौके पर मौजूद एक कर्मचारी ने मीडिया से पल्ला झाड़ते हुए बस इतना कहा, “हम गश्त लगा रहे हैं, बाकी हमें कुछ नहीं पता।”

मजिस्ट्रेट के आने के बाद खुला ताला हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। मौके पर मजिस्ट्रेट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सील कमरों को खोला गया और छात्राओं को उनका सामान वापस दिलाया गया। सामान निकालने के बाद हॉस्टल को फिर से बंद कर दिया गया है।

इस घटना के बाद अभिभावकों ने बिहार सरकार से सख्त मांग की है। उनका कहना है कि पटना में चल रहे गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा की गहन जांच होनी चाहिए और ऐसे मनमाने रवैये पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और बेटी का भविष्य दांव पर न लगे।

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आजाद ख़बर

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