रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में अपराध पर नकेल कसने और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए जिला पुलिस ने एक बेहद खास और असरदार मुहिम शुरू की है। इस मुहिम को ‘प्रहरी पहल’ का नाम दिया गया है।
गुरुवार को भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना, रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) मुकेश लुनायत खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों में थाना प्रभारियों के साथ पैदल मार्च किया और इस नई पहल का औपचारिक आगाज़ किया।
क्या है ‘प्रहरी पहल’?
यह पहल क्यों शुरू की गई? इसका सीधा जवाब है—पुलिस की विजिबिलिटी (दृश्यता) बढ़ाना और अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करना। एसपी मुकेश लुनायत ने बताया कि ‘प्रहरी पहल’ को मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर टिकाया गया है:
- पैदल गश्ती: पुलिस बल अब बाज़ारों, स्कूल-कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त करेगा।
- अड्डेबाजी पर वार: शाम के वक्त पार्कों या सुनसान जगहों पर जमने वाले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जाएगी।
- एंटी-क्राइम चेकिंग: अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
रणनीति और रूट चार्ट
पुलिस ने पूरे जिले में अपराध के ग्राफ और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर कुल 76 रूट (मार्ग) चिन्हित किए हैं। इन मार्गों पर गश्त का पूरा चार्ट सीधे एसपी कार्यालय से जारी किया जाएगा। खास बात यह है कि अब जिले के हर थाने को सप्ताह में कम से कम दो बार अपने क्षेत्र में पैदल मार्च करना अनिवार्य होगा।
इस पहल से न केवल बड़े अपराधों पर लगाम लगेगी, बल्कि महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी, अवैध पार्किंग और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण जैसी समस्याओं का भी समाधान होगा। एसपी के इस कड़े तेवर ने स्पष्ट कर दिया है कि रामगढ़ में अब अपराधियों की खैर नहीं।











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