अपराध राज्य

झारखंड में ₹130 करोड़ का ट्रेजरी घोटाला: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, सीबीआई जांच की मांग

मरांडी ने पूछा- बिना बड़े अफसरों की मिलीभगत के कैसे हैक हुआ ई-कुबेर सिस्टम?
मरांडी ने पूछा- बिना बड़े अफसरों की मिलीभगत के कैसे हैक हुआ ई-कुबेर सिस्टम?

रांची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक कड़ा अनुस्मारक पत्र (रिमाइंडर) भेजकर राज्य में हुए बड़े कोषागार (ट्रेजरी) घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। इस पूरे मामले को एक सुनियोजित ‘महाघोटाला’ करार देते हुए मरांडी ने कहा कि यह सिर्फ एक वित्तीय गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह सरकारी खजाने की सुनियोजित लूट और संगठित भ्रष्टाचार का एक गंभीर प्रमाण है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया है कि अब तक राज्य के लगभग 14 जिलों में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। विभिन्न कोषागारों से लगभग 130 करोड़ रुपये की अवैध और संदिग्ध निकासी का मामला सामने आया है। इससे पहले 11 अप्रैल को भी उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर उन्होंने दोबारा यह मुद्दा उठाया है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अकेले बोकारो में यह घोटाला शुरुआती ₹4.5 करोड़ से बढ़कर ₹16 करोड़ और हजारीबाग में ₹8 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹30 करोड़ तक पहुंच चुका है।

मरांडी ने सरकारी वित्तीय प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ई-कुबेर (e-Kuber) सिस्टम में हेरफेर करके महीनों तक फर्जी वेतन और फंड ट्रांसफर करना किसी अकेले निचले स्तर के कर्मचारी के बस की बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में जिला स्तर के कोषागार निगरानी तंत्र, जेएपी-आईटी (JAP-IT) और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत है। घोटाले के पैसों से आरोपियों द्वारा अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां खरीदने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, मरांडी ने रांची में प्रशासनिक अधिकारियों की कथित सह पर चल रहे अवैध बालू खनन और लूट को लेकर भी हेमंत सोरेन सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।