सात माह का शिशु जिदंगी और मौत के बीच जी रही है। परिवार का आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। जिसके चलते अस्पताल से अधुरा इलाज कर माता पिता ने शिशु को अपने पैतृृृक गांव वापस ले आया है। कुमारडुंगी प्रखंड अन्तर्गत बड़ा रायकमन गांव के बसंत पान की पुत्री श्रुति पान 7 माह की बच्ची जिसका विगत महीना से ब्रह्मानंद अस्पताल जमशेदपुर में इलाज चल रहा था। बच्ची की दिल में छेद है परिवार के पास पैसा के अभाव के कारण अस्पताल से घर ले आया। जैसे ही इंटक जिला उपाध्यक्ष सह झारखंड प्रदेश मुस्लिम यूथ विकास मंच प्रदेश संगठन सचिव इरशाद अहमद के संज्ञान में मामला आया उन्होंने तुरंत सात माह की शिशु श्रुति पान को बेहतर इलाज के लिए जिला कांग्रेस के कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री केडी रंजन वोयपई से विचार विमर्श कर नवजात शिशु को मझगांव रेफरल अस्पताल से एंबुलेंस द्वारा ब्रह्मानंद हॉस्पिटल जमशेदपुर भेज दिया। इरशाद अहमद ने कहा शिशु श्रुति पान का हार्ट में छेद है। परिवार के इलाज के लिए सक्ष्म नही है। कांग्रेसी कार्यकत्ता शिशु श्रुति पान की इलाज हेतु उपायुक्त व सिविल सर्जन से मिलकर वार्ता करने की बात कही । मौके पर ग्रामीण जिला अध्यक्ष रितेश कुमार तमसोय महिला कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष लाली दास आदि उपस्थित थे।
जिंदगी और मौत के बीच जी रही है सात माह की शिशु: झारखंड
November 12, 2020 10:53 pm
42,643 Views
2 Min Read










Add Comment