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भविष्य ‘विशाल’ नहीं, ‘सटीक’ एआई का है: अश्विनी वैष्णव

दावोस में बोले आईटी मंत्री—छोटे और किफायती मॉडल्स ही बदलेंगे आम आदमी की दुनिया

स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भारत के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को लेकर एक बहुत ही गहरी और व्यावहारिक बात कही। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि एआई का भविष्य केवल बहुत बड़ी मशीनों या भारी-भरकम सिस्टम में है। असल में, एआई की असली ताकत अब उन छोटे और स्मार्ट मॉडल्स में छिपी है, जो किसी खास काम को बहुत ही कुशलता से कर सकें।

वैष्णव जी का मानना है कि जो मॉडल्स छोटे होते हैं, वे न केवल बिजली कम खर्च करते हैं, बल्कि उन्हें चलाना भी बहुत सस्ता पड़ता है। आज के समय में जब कंपनियां और आम लोग तकनीक को अपनाना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसे समाधान चाहिए जो उनकी जेब पर भारी न पड़ें और उनकी विशिष्ट जरूरतों (जैसे खेती, स्वास्थ्य या छोटे व्यापार) के हिसाब से काम करें।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को केवल एक ‘फैंसी’ तकनीक बनकर नहीं रहना चाहिए। अगर हमें इसका असली फायदा उठाना है, तो इसे आम लोगों की पहुंच में लाना होगा। छोटे और असरदार मॉडल्स ही वह रास्ता हैं जिससे एआई हर भारतीय के काम आ सकेगा। दुनिया जहां एआई के खतरों और संभावनाओं को लेकर उलझी हुई है, वहीं भारत ने एक बहुत ही व्यावहारिक नजरिया पेश किया है—तकनीक वही अच्छी, जो काम को आसान और किफायती बनाए।