रांची, 12 मई | नीलकंठ पान
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को रांची स्थित लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने ‘बिहार आई बैंक ट्रस्ट’ का नाम बदलकर ‘झारखंड आई बैंक ट्रस्ट’ करने का आधिकारिक निर्देश दिया है।
नाम बदलना क्यों जरूरी? बैठक के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि राज्य की पहचान के साथ संस्थान का नाम जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने इस बदलाव की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। इसके अलावा, राज्यपाल ने ट्रस्ट की भूमि संबंधी समस्याओं को सुलझाने और एक उत्कृष्ट नेत्र चिकित्सा संस्थान के रूप में इसकी पहचान स्थापित करने पर जोर दिया।
गरीबों को मिलेगा आयुष्मान का लाभ आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बड़ी राहत की खबर यह है कि राज्यपाल ने आई बैंक ट्रस्ट को ‘आयुष्मान भारत योजना’ से जोड़ने का निर्देश दिया है। इससे अब जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त या रियायती दरों पर आधुनिक इलाज संभव हो सकेगा।
कॉरपोरेट मदद और आधुनिक सुविधाएं राज्यपाल गंगवार ने सुझाव दिया कि ट्रस्ट को अपना सेवा मॉडल इस तरह विकसित करना चाहिए कि उसे अधिक से अधिक CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड मिल सके। इस फंड का उपयोग एडवांस आई केयर और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के विस्तार के लिए किया जाएगा। अस्पताल के बेहतर प्रबंधन के लिए एक दक्ष ‘अस्पताल प्रबंधक’ की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया।
बैठक के अन्य मुख्य निर्णय समीक्षा बैठक में डॉ. टी.पी. बर्णवाल को नए ट्रस्टी के रूप में नियुक्त किया गया, जबकि अजय जैन का संयुक्त सचिव पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी, स्वास्थ्य विभाग के अजय कुमार सिंह और वित्त सचिव प्रशांत कुमार सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।











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