धर्म

कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी आस्था: मकर संक्रांति पर धनबाद में दामोदर-बराकर घाटों पर लगाई डुबकी

कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी आस्था: मकर संक्रांति पर धनबाद में दामोदर-बराकर घाटों पर लगाई डुबकी
कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी आस्था: मकर संक्रांति पर धनबाद में दामोदर-बराकर घाटों पर लगाई डुबकी

बहुत तेज सर्दी और ठंडी हवाओं के बावजूद सुबह से ही घाटों पर उमड़ी भीड़, पवित्र स्नान के बाद पूजा-अर्चना और दान से मांगी सुख-समृद्धि, सुरक्षा के मजबूत इंतजाम रहे।

धनबाद में मकर संक्रांति के अवसर पर कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बावजूद लोगों की आस्था भारी पड़ी। भीषण ठंड को मात देते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह-सुबह ही दामोदर और बराकर नदी के घाटों पर पवित्र स्नान के लिए उमड़ पड़े। सूर्य के उत्तरायण होने के प्रतीक इस पर्व को पूरे इलाके में भारी उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

सुबह से ही घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहा। मोहलबनी दामोदर घाट पर सबसे अधिक रौनक दिखी, जहाँ सूरज की पहली किरण के साथ ही लोगों ने डुबकी लगाना शुरू कर दिया। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने पास के मंदिरों में पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना के साथ तिल-गुड़, खिचड़ी और गर्म कपड़ों का दान किया।

भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। चासनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से घाट के पास एक अस्थायी मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, सुदामडीह पुलिस ने यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पार्किंग के अलग इंतजाम किए, जिससे पैदल यात्रियों को घाट तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।

सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। झरिया के अंचलाधिकारी (सीओ) और सुदामडीह पुलिस की टीम सुबह से ही घाटों पर डटी रही। लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी जा रही थी। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए नदी में बैरिकेडिंग की गई थी और गोताखोरों की टीम नावों के साथ लगातार गश्त कर रही थी।

कोयलांचल में आस्था और सुरक्षा का यह अद्भुत संगम देखने को मिला। मकर संक्रांति का यह उत्सव गुरुवार तक चलेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुशी और उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का भी पालन करें।