वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया।
इस बार के बजट का ‘हीरो’ देश के नौजवानों को बनाया गया है। वित्त मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत का भविष्य ‘युवा शक्ति’ के हाथों में है, और यह बजट उसी शक्ति को सही दिशा देने की एक कोशिश है।
युवाओं के हाथ में हुनर और काम : अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि हमारी कामयाबी की चाबी युवाओं के पास है। इसलिए, सरकार ने पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेनिंग और हुनर (Skill Development) पर बहुत ध्यान दिया है। मकसद साफ है—युवाओं को सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि अपना काम शुरू करने लायक बनाना।
उद्योग और छोटे व्यापारियों को राहत देश में सामान बनाने यानी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए फैक्टरियों को हाई-टेक बनाने की योजना है। इससे भारत में बना सामान विदेशों तक पहुंचेगा। वहीं, जो लोग छोटा-मोटा कारोबार (MSME) करते हैं, उनके लिए भी खुशखबरी है।
गांवों की भी बदली जाएगी तस्वीर : बजट में ‘भारत’ यानी हमारे गांवों का भी पूरा ख्याल रखा गया है। खेती को मुनाफे का काम बनाने और गांवों में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं।
लंबी रेस का घोड़ा है यह बजट : जानकारों का कहना है कि यह बजट सिर्फ एक साल का हिसाब-किताब नहीं है, बल्कि आने वाले कई सालों की तैयारी है। समाज के हर तबके—चाहे वो किसान हो, नौजवान हो या व्यापारी—सबको साथ लेकर चलने की यह एक ठोस कोशिश नजर आती है।











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