नई दिल्ली, 14 मई:
भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशाम एडम के साथ नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक की। इरुथिशाम एडम अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर हैं, जिसे दोनों देशों के बीच 60 साल के कूटनीतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा
बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) नीति को दोहराते हुए मालदीव की प्रगति और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जताई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और व्यापार, निवेश व डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में तेजी लाने पर सहमति व्यक्त की।
FTA और आर्थिक सहयोग
मालदीव की विदेश मंत्री ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया कि यह वार्ता आपसी संबंधों और जन-भागीदारी (people-to-people contact) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण रही। चर्चा में भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 2026 के अंत तक अंतिम रूप देने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान को बढ़ावा देने जैसे अहम मुद्दे भी शामिल रहे।
मंत्री एडम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षेत्रीय दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि मालदीव की ‘मालदीव फर्स्ट’ नीति और भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति एक-दूसरे की पूरक हैं, जो क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करती हैं।











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