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कश्मीर में सैलानियों की बहार: अब ट्रेन के सफर ने आसान बनाई घाटी की राह

कश्मीर में सैलानियों की बहार: अब ट्रेन के सफर ने आसान बनाई घाटी की राह
कश्मीर में सैलानियों की बहार: अब ट्रेन के सफर ने आसान बनाई घाटी की राह

कटरा-श्रीनगर स्पेशल ट्रेन और वंदे भारत के चलते रिकॉर्ड संख्या में पहुँच रहे पर्यटक

श्रीनगर (आज़ाद खबर): कश्मीर की वादियों में इन दिनों रौनक देखते ही बन रही है। पर्यटन के इस बदलते स्वरूप के पीछे सबसे बड़ी भूमिका भारतीय रेलवे की नई सेवाओं ने निभाई है। कटरा से श्रीनगर के बीच शुरू हुई स्पेशल ट्रेनों और लग्जरी सफर का अनुभव देने वाली ‘वंदे भारत’ ने पर्यटकों के लिए घाटी तक पहुँचना अब बेहद आसान बना दिया है।

सड़क की थकान छू मंतर, ट्रेन बनी पहली पसंद पहले कश्मीर आने वाले सैलानी लंबी सड़क यात्रा और पहाड़ी रास्तों की थकान के कारण हिचकिचाते थे। लेकिन अब नज़ारा बदल चुका है। ट्रेनों में आरामदायक सीटें, भीड़-भाड़ से मुक्ति और समय की बचत ने पर्यटकों का भरोसा जीता है। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में परिवार और दोस्तों के ग्रुप एडवांस में ट्रेन टिकट बुक करा रहे हैं।

स्थानीय कारोबारियों के खिले चेहरे पर्यटकों की इस बढ़ती संख्या का सीधा असर श्रीनगर के बाजारों और डल झील के किनारे दिखने लगा है। होटल और हाउसबोट की बुकिंग में जबरदस्त उछाल आया है। गुलमर्ग और पहलगाम जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर गाइड्स और टैक्सी चालकों को अब पहले से ज्यादा काम मिल रहा है। आसान सफर की वजह से अब ‘ऑफ-सीजन’ में भी सैलानी कश्मीर की खूबसूरती देखने पहुँच रहे हैं।

रेलवे की दूरगामी सोच का नतीजा रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यात्रियों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए ही इन स्पेशल ट्रेनों का जाल बिछाया गया है। जहाँ वंदे भारत अपनी रफ़्तार और आधुनिक सुविधाओं के लिए जानी जाती है, वहीं स्पेशल ट्रेनें बजट और आराम का बेहतरीन तालमेल दे रही हैं। इन ट्रेनों की खिड़कियों से दिखने वाले पहाड़ों के नज़ारे पर्यटकों के लिए सफर को और भी यादगार बना देते हैं।

रोजगार और सोशल मीडिया का जादू पर्यटन में आई इस तेज़ी से होटल, हस्तशिल्प (Handicraft) और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर सैलानियों द्वारा शेयर की जा रही ट्रेन यात्रा की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियोज़ अन्य लोगों को भी कश्मीर आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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आजाद ख़बर

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