संसद की गैलरी से लाइव बजट देखने के बाद युवाओं ने वित्त मंत्री से की सीधी बात, शिक्षा और रोजगार पर हुई खास चर्चा।
नई दिल्ली:इस बार का बजट सत्र देश के कुछ चुनिंदा छात्रों के लिए बेहद यादगार बन गया। बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2026-27 का बजट पेश किया, लेकिन उनका काम यहीं खत्म नहीं हुआ। बजट भाषण के ठीक बाद उन्होंने देश के अलग-अलग कोनों से आए करीब 30 कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ एक खास मुलाकात की।
इन छात्रों के लिए यह दिन किसी सपने से कम नहीं था। उन्हें संसद की ‘लोकसभा गैलरी’ में बैठकर देश का बजट लाइव देखने का मौका मिला। यह वह जगह है जहाँ से देश के सबसे बड़े फैसले लिए जाते हैं। बजट को करीब से समझने के बाद, ये युवा वित्त मंत्रालय पहुंचे, जहाँ वित्त मंत्री ने उनसे बहुत ही आत्मीयता और सुकून से बात की।
क्लास से निकलकर फैक्ट्री तक पहुंचेगी पढ़ाई : इस मुलाकात के दौरान चर्चा का मुख्य मुद्दा ‘भारत की तरक्की’ और ‘युवाओं का भविष्य’ रहा। वित्त मंत्री ने छात्रों को समझाया कि सरकार अब पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती। उन्होंने बताया कि बड़े औद्योगिक क्षेत्रों (Indusrial Areas) के पास ही ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ बनाने का प्लान है।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि छात्र जो क्लास में पढ़ेंगे, उसे पास की फैक्ट्री या कंपनी में जाकर प्रैक्टिकल तौर पर देख और सीख सकेंगे। इससे युवाओं को नौकरी के लिए जरूरी ‘स्किल्स’ सीखने में मदद मिलेगी और रोजगार के रास्ते आसान होंगे।
बेटियों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान : बातचीत के दौरान निर्मला सीतारमण ने छात्राओं के लिए एक और बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार हर जिले में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने जा रही है। इसका खास मकसद उन लड़कियों को सपोर्ट करना है जो साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) जैसे कठिन विषयों में अपना करियर बनाना चाहती हैं। सुरक्षित रहने की जगह मिलने से अब बेटियां बेझिझक अपने सपनों को पूरा कर सकेंगी।
युवाओं के मन में जागी उम्मीद : मीटिंग में छात्रों ने भी खुलकर अपने सवाल पूछे। वे जानना चाहते थे कि ये योजनाएं उन्हें कैसे फायदा पहुंचाएंगी। एक छात्र ने बाहर आकर बताया, “टीवी पर नेताओं को देखना अलग बात है, लेकिन भविष्य की योजनाओं पर उनसे आमने-सामने बात करना एक अलग ही रोमांच था।”
यह मुलाकात साफ इशारा करती है कि सरकार अब बंद कमरों में नहीं, बल्कि युवाओं के साथ मिलकर भविष्य का रोडमैप तैयार करना चाहती है। शिक्षा को रोजगार से जोड़ने और बेटियों को आगे बढ़ाने वाले ये कदम बताते हैं कि भारत एक मजबूत और युवा भविष्य की ओर बढ़ रहा है।











Add Comment