बजट सत्र का आगाज: हंगामे से बचने और विकास के मुद्दों पर फोकस करने की नसीहत
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत आज काफी गंभीर माहौल में हुई। कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने सदन का रुख साफ कर दिया। उन्होंने सभी विधायकों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि सदन के भीतर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्पीकर का यह सख्त रवैया बता रहा था कि वे इस बार सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यह सत्र जम्मू-कश्मीर के भविष्य के लिए बेहद अहम है। इसमें प्रदेश के विकास का खाका खींचा जाएगा और बजट पर चर्चा होगी। जनता की गाढ़ी कमाई कहां खर्च होगी—चाहे वह नई सड़कें हों, बेहतर स्कूल हों या अस्पतालों की सुविधाएं—इन सब पर फैसला इसी सत्र में होना है। अक्सर देखा गया है कि जरूरी मुद्दों की जगह शोर-शराबा ले लेता है, लेकिन स्पीकर ने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया कि उन्हें केवल ‘हंगामा’ नहीं, बल्कि ‘सार्थक बहस’ चाहिए।
स्पीकर ने सदस्यों को याद दिलाया कि उन्हें जनता ने लड़ने-झगड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए चुनकर भेजा है। एक विधायक ने भी इस सख्ती का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी चेतावनी जरूरी थी, ताकि पूरा ध्यान असली मुद्दों पर रहे।
यह सत्र अगले कुछ हफ्तों तक चलेगा। जम्मू-कश्मीर की जनता बड़ी उम्मीदों के साथ अपनी विधानसभा की ओर देख रही है। उन्हें इंतजार है उन फैसलों का, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना सकें। अब देखना यह होगा कि स्पीकर की इस सख्त नसीहत के बाद विधायक सदन की मर्यादा का कितना पालन करते हैं।











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