हैलाकांडी के घर्मोरा रिजर्व फॉरेस्ट में बड़ी कार्रवाई, अवैध निर्माण ध्वस्त; पर्यावरण सुरक्षा को बताया प्राथमिकता।
असम की बराक घाटी में वन विभाग ने जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में सोमवार को हैलाकांडी जिले में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। वन विभाग की टीम ने घर्मोरा रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आने वाले दमचेड़ा इलाके में जोरदार अभियान चलाया और अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे लोगों को वहां से हटाया।
मौके पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच विभाग ने अवैध निर्माणों और कच्ची बस्तियों को हटाने का काम किया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम उठाना अब मजबूरी बन गया था। अधिकारियों के मुताबिक, जंगलों के भीतर इंसानी बस्तियां बसने से न सिर्फ पेड़ों की कटाई बढ़ रही थी, बल्कि वन्यजीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ रहा था। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद जंगल की हरियाली को वापस लाना और प्राकृतिक संतुलन को बिगड़ने से बचाना है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण लेकिन काबू में रहा। स्थानीय लोगों की राय इस पर बंटी हुई है। पर्यावरण प्रेमी और जागरूक नागरिक इसे भविष्य के लिए एक जरूरी कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर अभी जंगल नहीं बचाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं, बेघर हुए लोगों के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया है, जिससे वे चिंतित हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकने वाला। बराक घाटी के अन्य इलाकों में भी जहां-जहां जंगलों पर अवैध कब्जे हैं, वहां जल्द ही इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा रही है। सरकार का यह सख्त रुख साफ करता है कि अब जंगलों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।











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